आज के समय में देर से शादी होना एक आम समस्या बन गई है। कई लोग अच्छी education, career और family support होने के बावजूद भी शादी में delay का सामना करते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आपकी कुंडली (Kundli) में मौजूद ग्रह और दोष (Dosha) शादी के समय को प्रभावित करते हैं।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे:
👉 शादी में देरी के ज्योतिषीय कारण
👉 कौन से ग्रह जिम्मेदार होते हैं
👉 और सबसे महत्वपूर्ण – असरदार उपाय (Upay)
शनि को delay का ग्रह माना जाता है।
अगर शनि 7वें भाव (Marriage House) में हो या उस पर दृष्टि डालता है, तो शादी में देरी हो सकती है।
👉 संकेत:
अगर कुंडली में मंगल 1st, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में हो, तो इसे मंगल दोष कहा जाता है।
👉 प्रभाव:
राहु और केतु भ्रम और बाधा उत्पन्न करते हैं।
👉 अगर ये 7वें भाव में हों:
गुरु विवाह का कारक ग्रह है, खासकर लड़कियों के लिए।
👉 कमजोर गुरु के संकेत:
7वां भाव शादी का मुख्य भाव होता है।
👉 अगर यहाँ पाप ग्रह (malefic planets) हों:
भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विवाह के लिए सबसे प्रभावी मानी जाती है।
👉 उपाय:
👉 उपाय:
👉 उपाय:
👉 उपाय:
👉 ज्योतिषी की सलाह से:
⚠️ बिना सलाह के रत्न न पहनें
✔️ सही समय का इंतजार करें – हर चीज का सही समय होता है
✔️ Negative सोच से दूर रहें
✔️ परिवार और रिश्तों को महत्व दें
शादी में देरी होना कोई असामान्य बात नहीं है, लेकिन सही ज्योतिषीय समझ और उपाय (Upay) से इसे दूर किया जा सकता है।
अगर आपकी कुंडली में कोई दोष है, तो घबराने की जरूरत नहीं—उपाय और सही मार्गदर्शन से आपकी शादी जल्दी हो सकती है 😊
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