शनि अमावस्या 2026: शनि जयंती डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और उपाय
शनि अमावस्या हिंदू धर्म में भगवान शनिदेव को समर्पित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र दिन माना जाता है। वर्ष 2026 में यह दिन और भी खास बन जाता है क्योंकि शनिवार और अमावस्या एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिसे शनिचरी अमावस्या कहा जाता है। इसी दिन भगवान शनिदेव की जयंती भी मनाई जाएगी।
मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या, आर्थिक समस्याएं, नौकरी और व्यापार में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। भक्त शनिदेव का आशीर्वाद पाने के लिए तेल अभिषेक, दान, मंत्र जाप और विशेष पूजा करते हैं।
यह दुर्लभ संयोग शनि पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
प्रदोष काल में शनिदेव का तेल अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
सूर्योदय से पहले स्नान करें और साफ काले या नीले रंग के वस्त्र पहनें।
घर के मंदिर या पूजा स्थान को साफ करके भगवान शनिदेव की प्रतिमा स्थापित करें।
शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं और सच्चे मन से प्रार्थना करें।
पीपल के पेड़ के नीचे या शनिदेव के सामने सरसों तेल का दीपक जलाएं।
ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥
इस मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है।
शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि दोष कम होता है।
गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन, तेल, काले तिल और वस्त्र दान करें।
शनिवार सुबह कौवों को रोटी खिलाना शुभ माना जाता है।
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर 7 परिक्रमा करें।
काले तिल और सरसों तेल का दान शनि दोष कम करने में सहायक माना जाता है।
जरूरतमंद लोगों की मदद करना शनिदेव को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा उपाय माना जाता है।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ॥
भगवान शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता माना जाता है। वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि देव अनुशासन, मेहनत, धैर्य और ईमानदारी का प्रतीक हैं।
सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों को शनिदेव सफलता, स्थिरता और सुरक्षा का आशीर्वाद देते हैं।
वर्ष 2026 में:
तीनों का एक साथ आना अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग माना जा रहा है। इस दिन पूजा, दान और मंत्र जाप करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है।
शनि जयंती 2026 शनिवार, 16 मई 2026 को मनाई जाएगी।
जब अमावस्या शनिवार को आती है तो उसे शनिचरी अमावस्या कहा जाता है, जो शनि पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥
सरसों तेल, काले तिल, उड़द दाल, कंबल और काले वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है।
शनि अमावस्या 2026 और शनि जयंती भक्तों के लिए आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त करने का विशेष अवसर है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा, मंत्र जाप और दान करने से जीवन की अनेक परेशानियां दूर होने की मान्यता है।
भगवान शनिदेव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और जीवन में सुख, शांति और सफलता प्रदान करें।