After the grand celebrations of a Marathi wedding, a honeymoon marks the beginning of a couple's new journey together. Choosing the right destination is key to creating unforgettable memories.
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Marathi weddings are a beautiful blend of simplicity and tradition, rooted in cultural pride and meaningful rituals. Each ceremony not only celebrates the union of two souls but also strengthens the bonds between families.
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When it comes to Marathi matrimony sites like Lagnavaarta, creating a standout profile is the first step toward finding your ideal match. A well-crafted profile reflects your personality, values, and lifestyle, helping you connect with the right partner
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devutthana-ekadashi-kartik-ekadashi-prabodhini-ekadashi-date-time Devutthana Ekadashi (also known as Prabodhini Ekadashi or Dev Uthani Ekadashi) marks the end of Chaturmas, a period when Lord Vishnu is believed to rest. Observed on the Ekadashi (11th day) of the Shukla Paksha (waxing phase of the moon) in the Hindu month of Kartik,
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दिवाली, जिसे प्रकाश पर्व के रूप में भी जाना जाता है, बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव है। 2024 में, दिवाली 29 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच मनाई जाएगी। प्रत्येक दिन की अपनी खास परंपराएं और रीति-रिवाज होते हैं। यहां दिवाली 2024 का पूरा कैलेंडर और विवरण दिया गया है:
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भाई दूज, जिसे भाऊबीज या यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है, एक विशेष पर्व है जो पूरे भारत में भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह के बंधन को मनाने के लिए मनाया जाता है। यह पर्व दिवाली के दो दिन बाद आता है और इसे भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का एक पवित्र अवसर माना जाता है।
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धनतेरस दीवाली के पाँच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है और इसे पूरे भारत में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। "धनतेरस" शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— धन जिसका अर्थ है संपत्ति और तेरस जिसका अर्थ है हिंदू पंचांग के कार्तिक महीने में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि।
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विजयदशमी, जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह 2024 में 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा। विजयदशमी अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है और धर्म (सत्य) की अधर्म (असत्य) पर विजय को दर्शाता है। "विजयदशमी" का अर्थ है "विजय प्राप्त करने वाला दसवां दिन", और यह अश्विन माह में शुक्ल पक्ष के दसवें दिन मनाया जाता है।
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नवरात्रि के दसवें दिन माँ दुर्गा की पूजा की जाती है, जो शक्ति, साहस, और विजय की प्रतीक मानी जाती हैं। इस दिन को दशहरा भी कहा जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
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नवरात्रि के नवें दिन माँ दुर्गा के नवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। माँ सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों और ज्ञान की देवी मानी जाती हैं और भक्तों की सभी इच्छाओं को पूर्ण करती हैं।
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नवरात्रि के आठवें दिन माँ दुर्गा के आठवें स्वरूप माँ महागौरी की पूजा की जाती है। माँ महागौरी का स्वरूप अत्यंत दिव्य और सुंदर है, और वे शुद्धता, भक्ति और ज्ञान का प्रतीक मानी जाती हैं।
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नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। माँ कालरात्रि का स्वरूप काल और अंधकार को समाप्त करने वाला होता है। वे सभी प्रकार की बुरी शक्तियों से रक्षा करने वाली देवी हैं।
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